कुशीनगर,जनता की हर शिकायत पर डीएम का सख्त रुख राजस्व विभाग को दिया ‘जीरों पेंडेंसी’ का मंत्र

एडिटर इन चीफ शक्ति कुमार
कुशीनगर। जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। यह साफ संदेश शुक्रवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने राजस्व विभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में दिया। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में डीएम ने अधिकारियों को जनता से जुड़ी शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान पर विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान कृषि, आवास, मत्स्य पालन, कुम्हारी कला से जुड़े आवंटनों की स्थिति, सीमा स्तंभों की प्रगति, आरसी वसूली, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं, फास्ट ट्रैक प्रमाण पत्र, पेंशन, जीपीएफ, ग्रेच्युटी और जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली सीधे आमजन के जीवन को प्रभावित करती है, इसलिए किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने समन्वय के साथ काम करने और जनहित के मामलों में संवेदनशीलता दिखाने पर भी जोर दिया।
बैठक में चकरोड और चकमार्गों को लेकर भी डीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारी और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में अभियान चलाकर राजस्व ग्रामों में चकरोड का सीमांकन कर अवैध अतिक्रमण हटवाएं। साथ ही प्रत्येक लेखपाल से यह प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य करने को कहा कि उनके क्षेत्र में सभी चकरोड/चकमार्ग अतिक्रमण मुक्त हैं।
इस समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव मिश्रा, अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रेम कुमार राय, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, बैठक में डीएम का स्पष्ट संदेश दिए कि—जनता की समस्या सर्वोपरि है और उसका समाधान समय पर होना ही चाहिए।


